जयपुरः राजस्थान सरकार ने अपने कर्मचारियों और पूर्व कर्मचारियों को खुशखबरी दी है। सरकार ने राज्य कर्मियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दे दी है। इससे 12 लाख से ज़्यादा लोगों को फ़ायदा होगा। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि राजस्थान सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है।
एक जनवरी से लागू माना जाएगा फैसला
यह फ़ैसला मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के बाद लिया गया। इस बढ़ोतरी के साथ, सातवें वेतन आयोग के तहत DA और DR 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगा, जो 1 जनवरी, 2026 से लागू होगा। अधिकारियों ने कहा कि यह फैसला राज्य सरकार की अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के आर्थिक हितों और कल्याण की रक्षा के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आर्थिक बोझ के बावजूद सरकार ने कर्मचारियों के कल्याण और समय पर आर्थिक सहायता को प्राथमिकता दी है।
मई महीने के वेतन के साथ मिलेगा बढ़ा हुआ डीए
अधिकारियों ने बताया कि इस फ़ैसले से राज्य के लगभग 7.02 लाख कर्मचारियों और 5.44 लाख पेंशनभोगियों को फ़ायदा होगा। पंचायत समितियों और ज़िला परिषदों के कर्मचारी भी इन संशोधित दरों के दायरे में आएंगे। उन्होंने बताया कि बढ़ा हुआ DA मई 2026 के वेतन के साथ नकद में दिया जाएगा, जिसका भुगतान जून में किया जाना है।
अधिकारियों ने आगे बताया कि 1 जनवरी से 30 अप्रैल, 2026 तक की अवधि का बकाया कर्मचारियों के जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) खातों में जमा किया जाएगा, जबकि पेंशनभोगियों को 1 जनवरी, 2026 से बढ़ी हुई महंगाई राहत नकद में मिलेगी। इस फ़ैसले से राज्य के खजाने पर लगभग 1,156 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय बोझ पड़ेगा। महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) में संशोधन करके सरकार का उद्देश्य महंगाई से राहत प्रदान करना और घरेलू खर्चों में सहायता करना है।